Gold Silver Price Today – Check 22 Carat & 24 Carat Gold Latest Rate Per 10 Gram in 10 Cities
Gold Silver Price Today – Check 22 Carat & 24 Carat Gold Latest Rate Per 10 Gram in 10 Cities
Introduction – आज सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल
आज 14 अक्टूबर 2025 को भारत में सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। साल 2025 में अब तक सोने की कीमतों में 56% का जबरदस्त उछाल देखा गया है, जबकि चांदी ने भी 52% से अधिक की तेजी दिखाई है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना पहली बार $4,100 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। भारत में 24 कैरट सोने की कीमत ₹12,540 प्रति ग्राम और 22 कैरट सोना ₹11,495 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है। चांदी की कीमत भी ₹154,654 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच चुकी है। यह लेख आपको 10 प्रमुख शहरों में 22 कैरट और 24 कैरट सोने के साथ-साथ चांदी के ताज़ा भाव, उनमें आने वाले बदलाव और भविष्य के रुझान के बारे में पूरी जानकारी देगा।
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| Gold Silver Price Today 14 Oct – 22k 24k Rate in 10 Cities | ₹125490 |
Gold और Silver क्या हैं – मूल बातें समझें
22 Carat Gold और 24 Carat Gold में क्या अंतर है
24 कैरट सोना सबसे शुद्ध रूप होता है जिसमें 99.9% शुद्धता होती है, जबकि 22 कैरट सोने में 91.67% सोना और बाकी अन्य धातुओं का मिश्रण होता है। 24 कैरट सोना बहुत नरम और आसानी से मुड़ जाने वाला होता है, इसलिए इसे गहनों में उपयोग करना मुश्किल होता है। 22 कैरट में मिलाई गई दूसरी धातुएं जैसे तांबा या चांदी सोने को मजबूती देती हैं। इसी वजह से भारत में ज्यादातर गहने 22 कैरट सोने से बनते हैं क्योंकि यह टिकाऊ होता है और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बेहतर रहता है। निवेश की दृष्टि से 24 कैरट सोना अधिक उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इसका बाज़ार मूल्य सीधे सोने की कीमत से जुड़ा होता है। 22 कैरट सोने का रंग अधिक समृद्ध और पीला होता है जबकि 24 कैरट सोना हल्के पीले रंग का होता है।
क्यों लोग 22K और 24K को चुनते हैं
भारतीय बाज़ार में 22 कैरट सोना गहनों के लिए पहली पसंद है क्योंकि यह मजबूत होता है और दैनिक उपयोग में टूटता नहीं है। शादी-ब्याह और त्योहारों में खरीदे जाने वाले गहने आमतौर पर 22 कैरट के ही होते हैं। 24 कैरट सोना उन लोगों के लिए बेहतर है जो सोने को निवेश के रूप में रखना चाहते हैं, जैसे कि सोने के सिक्के या बार। बैंकों और म्यूचुअल फंडों में Gold ETF के रूप में भी 24 कैरट सोना ही निवेश किया जाता है। 24 कैरट सोने की तरलता अधिक होती है यानी इसे कहीं भी आसानी से बेचा या खरीदा जा सकता है। दूसरी ओर 22 कैरट सोने का मूल्य केवल सोने की कीमत पर ही नहीं बल्कि कारीगरी और डिज़ाइन पर भी निर्भर करता है।
Silver का उपयोग – Investment, Jewellery और Industrial
चांदी का उपयोग केवल गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे मोबाइल, कंप्यूटर और टेलीविजन के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। निवेश के रूप में चांदी भी लोकप्रिय हो रही है क्योंकि इसकी कीमतें पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी हैं। Silver ETF में निवेशकों की बढ़ती रुचि ने चांदी की मांग को और बढ़ाया है। भारत में त्योहारों के समय चांदी के बर्तन, सिक्के और गहने खरीदने की परंपरा है। चांदी सोने की तुलना में सस्ती होती है इसलिए छोटे निवेशक भी इसमें निवेश कर सकते हैं। पिछले एक महीने में चांदी की कीमत में 22% से अधिक की वृद्धि हुई है।
आज के Rates – Today's Prices in 10 Cities
22 Carat Gold की कीमत आज 10 शहरों में
आज 14 अक्टूबर 2025 को 22 कैरट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम औसतन ₹114,950 से ₹115,110 के बीच है। दिल्ली में 22 कैरट सोने की कीमत ₹115,110 प्रति 10 ग्राम है जो कल से ₹1,050 अधिक है। मुंबई में यही कीमत ₹115,400 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। चेन्नई में 22 कैरट सोना ₹115,250 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। कोलकाता में भी यह ₹114,950 प्रति 10 ग्राम के भाव पर मिल रहा है। बेंगलुरू, हैदराबाद, अहमदाबाद, पटना और केरल जैसे शहरों में भी कीमतें इसी रेंज में हैं। हर शहर में कीमतों में मामूली अंतर स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण होता है।
24 Carat Gold की कीमत आज 10 शहरों में
24 कैरट सोने की कीमत आज पूरे भारत में ₹124,493 से ₹125,490 प्रति 10 ग्राम के बीच है। दिल्ली में 24 कैरट सोना ₹125,560 प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में यह ₹125,490 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चेन्नई में 24 कैरट सोने की कीमत ₹122,000 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹122,000 प्रति 10 ग्राम है। कोलकाता में यह ₹125,400 प्रति 10 ग्राम है। बेंगलुरू, हैदराबाद, पटना और अन्य शहरों में भी 24 कैरट सोने की कीमत ₹124,000 से ₹125,500 की रेंज में है। पिछले हफ्ते की तुलना में 24 कैरट सोने की कीमत में ₹1,841 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
Silver की कीमत – आज का भाव
आज 14 अक्टूबर 2025 को चांदी की कीमत ₹154,654 प्रति किलोग्राम है जो कल से ₹7,956 अधिक है। प्रति ग्राम चांदी का भाव ₹154.65 है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और केरल जैसे शहरों में चांदी का भाव लगभग एक समान ₹50,800 प्रति किलोग्राम के आसपास है। पटना में भी चांदी ₹185,100 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। 13 अक्टूबर को चांदी की कीमत ₹185 प्रति ग्राम तक पहुंच गई थी। MCX स्पॉट प्राइस के अनुसार चांदी ₹1,71,085 प्रति किलोग्राम पर भी ट्रेड हुई है। अलग-अलग स्रोतों से मिले डेटा में कीमतों में अंतर स्थानीय बाज़ार की स्थितियों के कारण है।
Rate Variation Across Cities – शहरों के बीच फर्क
10 शहरों की तुलना – Delhi, Mumbai, Chennai, Kolkata आदि
भारत के प्रमुख 10 शहरों में सोने और चांदी की कीमतें अलग-अलग होती हैं। दिल्ली में 22 कैरट सोना ₹115,110 और 24 कैरट ₹125,560 प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में 22 कैरट ₹115,400 और 24 कैरट ₹125,490 है। चेन्नई में 22 कैरट ₹115,250 और 24 कैरट ₹122,000 के आसपास है। कोलकाता में 22 कैरट ₹114,950 और 24 कैरट ₹125,400 है। बेंगलुरू, हैदराबाद, अहमदाबाद, पटना, केरल और लखनऊ जैसे शहरों में भी यही ट्रेंड देखा जा रहा है। चांदी की कीमत ज्यादातर शहरों में ₹50,000 से ₹185,000 प्रति किलोग्राम के बीच है। इन शहरों में कीमतों का अंतर ₹100 से ₹500 प्रति 10 ग्राम तक हो सकता है।
क्यों भाव अलग होते हैं – Taxes, Making Charges, Demand-Supply
अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में अंतर के कई कारण हैं। सबसे पहला कारण है राज्य सरकार के अलग-अलग टैक्स और पॉलिसी। कुछ राज्यों में स्थानीय कर और सेस ज्यादा होते हैं जिससे कीमत बढ़ जाती है। परिवहन लागत भी एक बड़ा कारण है क्योंकि सोना-चांदी को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में खर्च आता है। स्थानीय मांग और आपूर्ति का भी असर होता है – जहां मांग ज्यादा होती है वहां कीमत थोड़ी बढ़ जाती है। मेकिंग चार्जेस यानी गहने बनाने की लागत हर जौहरी और हर शहर में अलग होती है। कुछ शहरों में जौहरी संघ द्वारा तय किए गए दैनिक भाव भी अलग होते हैं। GST और इम्पोर्ट ड्यूटी पूरे देश में एक समान होती है लेकिन लोकल टैक्स अलग होते हैं।
Trend Analysis – भावों में बदलाव और रुझान
आज का भाव कल और पिछले दिनों से कैसा बदला
आज 14 अक्टूबर को 22 कैरट सोने की कीमत में ₹1,050 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। 24 कैरट सोना भी ₹1,150 प्रति 10 ग्राम बढ़ा है। 13 अक्टूबर को 22 कैरट सोना ₹320 प्रति 10 ग्राम बढ़कर ₹125,400 हो गया था। पिछले एक हफ्ते में 24 कैरट सोने की कीमत ₹1,841 बढ़ी है। चांदी में तो और भी तेज उछाल आया है – आज यह ₹7,956 बढ़कर ₹154,654 प्रति किलोग्राम हो गई। 13 अक्टूबर को चांदी ₹8,056 बढ़ी थी। पिछले 10 दिनों में सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है। 1 अक्टूबर से अब तक चांदी की कीमत में 22% से अधिक की वृद्धि हुई है। सितंबर के अंत में चांदी ₹142,858 प्रति किलोग्राम थी।
पिछले 1 महीने, 3 महीने और 6 महीने के Trends
पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। सितंबर में 24 कैरट सोने की कीमत ₹102,003 से ₹111,357 प्रति 10 ग्राम थी जो अब ₹125,490 हो गई है। पिछले 3 महीने में सोने में लगातार वृद्धि हुई है। जुलाई में 24 कैरट सोना ₹98,000 से ₹100,000 के बीच था। अगस्त में यह ₹104,000 के आसपास पहुंच गया। सितंबर में ₹114,000 तक गया और अब अक्टूबर में ₹125,000 पार कर गया है। चांदी की कीमत भी इसी तरह बढ़ी है – अगस्त में ₹109,331 से ₹120,250, सितंबर में ₹120,251 से ₹144,251, और अब अक्टूबर में ₹154,754 तक पहुंच गई है। पिछले एक साल में 24 कैरट सोने की कीमत ₹92,857 से बढ़कर ₹125,490 हो गई है यानी लगभग 35% की बढ़ोतरी। 2025 में अब तक सोने में 56% और चांदी में 52% की तेजी आई है।
External Factors – Dollar Rate, Inflation, Interest Rates
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने की कीमत ने पहली बार $4,100 प्रति औंस को पार कर लिया है और $4,116.77 का नया रिकॉर्ड बनाया है। अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ विवाद ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ धकेला है। डॉलर की कमजोरी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने सोने की मांग बढ़ाई है। केंद्रीय बैंकों की accommodative नीतियां और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें भी सोने की कीमत बढ़ाने में योगदान कर रही हैं। भारत में महंगाई की दर भी सोने की कीमतों को प्रभावित करती है – जब महंगाई बढ़ती है तो सोने की कीमतें भी बढ़ती हैं। रुपये की कमजोरी भी सोने को महंगा बनाती है क्योंकि भारत में ज्यादातर सोना आयात किया जाता है। Federal Reserve की ब्याज दर नीतियां भी सीधे तौर पर सोने की कीमत को प्रभावित करती हैं।
Factors Affecting Gold & Silver Prices – कीमतों को प्रभावित करने वाले कारण
International Factors – Dollar Strength, Global Demand, Central Banks
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती या कमजोरी सोने की कीमत पर सीधा असर डालती है। जब डॉलर कमजोर होता है तो सोना महंगा हो जाता है और जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना सस्ता होता है। विश्व भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद-बिक्री भी कीमतों को प्रभावित करती है। जब केंद्रीय बैंक सोना खरीदते हैं तो मांग बढ़ने से कीमत बढ़ती है। भारत का रिजर्व बैंक (RBI) भी भविष्य के लिए सोने का भंडार रखता है जिसका असर बाज़ार की आपूर्ति पर पड़ता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव सोने को safe haven investment बनाते हैं। अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध और टैरिफ विवाद ने हाल में सोने की मांग बढ़ाई है। Gold ETF में विदेशी निवेशकों का प्रवाह भी कीमतों को बढ़ाता है।
Domestic Factors – Import Duty, GST, Making Charges, Local Demand
भारत में सोने पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी कीमतों को सीधे प्रभावित करती है। वर्तमान में सोने पर GST लागू है जो कीमतों में जुड़ता है। मेकिंग चार्जेस हर जौहरी के अलग-अलग होते हैं और ये गहनों की कुल कीमत का एक बड़ा हिस्सा होते हैं। भारत में शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम में सोने की मांग बहुत बढ़ जाती है। दिवाली, अक्षय तृतीया, धनतेरस जैसे त्योहारों पर सोने की खरीदारी टनों में होती है। निवेशकों की भावना (investor sentiment) भी कीमतों को प्रभावित करती है – जब लोग शेयर बाज़ार से डरते हैं तो सोने में निवेश करते हैं। रुपये का कमजोर होना भी सोने को महंगा बनाता है क्योंकि भारत में 800-900 टन सोना हर साल आयात किया जाता है।
Economic and Financial Factors – Inflation, Stock Market, Foreign Flows
महंगाई दर (inflation) सोने की कीमत का प्रमुख निर्धारक है – जब महंगाई बढ़ती है तो लोग अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए सोना खरीदते हैं। ब्याज दरों में बदलाव भी असर डालता है – जब ब्याज दरें कम होती हैं तो सोना अधिक आकर्षक हो जाता है। शेयर बाज़ार की स्थिति भी मायने रखती है – जब शेयर बाज़ार गिरता है तो निवेशक सोने में पैसा लगाते हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का प्रवाह भी असर डालता है। औद्योगिक मांग भी एक कारक है – इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां हर साल बड़ी मात्रा में सोना खरीदती हैं। माइनिंग यानी सोना निकालने की लागत भी बढ़ी है जिससे सप्लाई साइड पर दबाव है। चांदी की औद्योगिक मांग सोने से ज्यादा है क्योंकि इसका उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी में होता है।
Comparison: 22K vs 24K Gold – कौन कैसा है
गुण और दोष – Pros and Cons
24 कैरट सोने का सबसे बड़ा गुण इसकी 99.9% शुद्धता है जो इसे निवेश के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। इसकी बाज़ार में तरलता अधिक होती है और इसे कहीं भी आसानी से बेचा जा सकता है। लेकिन इसका दोष यह है कि यह बहुत नरम होता है और आसानी से खरोंच या मुड़ सकता है। 22 कैरट सोने का गुण है कि यह मजबूत और टिकाऊ होता है इसलिए गहने बनाने के लिए बेहतर है। इसका रंग भी गहरा और आकर्षक होता है। लेकिन इसका दोष यह है कि इसमें शुद्धता कम होती है – केवल 91.67% सोना होता है। 24 कैरट सोने की कीमत हमेशा 22 कैरट से ज्यादा होती है। 22 कैरट सोने की resale value उसकी कारीगरी पर भी निर्भर करती है जबकि 24 कैरट का मूल्य केवल सोने की कीमत पर निर्भर करता है।
किस स्थिति में 22K या 24K चुनें
अगर आप गहने खरीदना चाहते हैं जो रोजमर्रा पहने जाएं तो 22 कैरट सोना सबसे अच्छा विकल्प है। शादी के गहने, चेन, बंगल्स, अंगूठी आदि के लिए 22 कैरट ही बेहतर है। अगर आपका मकसद निवेश है और आप सोने को लंबे समय के लिए रखना चाहते हैं तो 24 कैरट सोना खरीदें। सोने के सिक्के (gold coins) और सोने की बार (gold bars) हमेशा 24 कैरट में ही मिलते हैं। अगर आप Gold ETF या Digital Gold में निवेश करना चाहते हैं तो वह भी 24 कैरट सोने में होता है। कम बजट में अगर आप गहने और निवेश दोनों चाहते हैं तो 22 कैरट सोना एक बैलेंस्ड विकल्प है। पुराने सोने को बेचकर नया खरीदते समय 24 कैरट सोने में कम नुकसान होता है।
Pure Gold की मजबूती, Purity Trade-off, Resale Value
24 कैरट सोना सबसे शुद्ध होता है लेकिन इसकी physical strength कम होती है। यह आसानी से मुड़ जाता है इसलिए इसे गहने के रूप में पहनना मुश्किल है। 22 कैरट में मिलाई गई दूसरी धातुएं सोने को मजबूती देती हैं लेकिन शुद्धता में थोड़ा समझौता करना पड़ता है। यह purity trade-off है जो गहनों के लिए जरूरी है। Resale value की बात करें तो 24 कैरट सोने की वैल्यू सीधे बाज़ार भाव पर निर्भर करती है और किसी भी जौहरी से बेचा जा सकता है। 22 कैरट गहनों की resale value में मेकिंग चार्जेस का नुकसान हो सकता है। कुछ जौहरी पुराने गहने खरीदते समय वजन कम करके लेते हैं या मेकिंग चार्जेस नहीं देते। 24 कैरट सोने के सिक्के और बार की exchange value बेहतर होती है। लंबी अवधि में 24 कैरट सोना बेहतर returns देता है।
Which One to Buy – सही चुनाव कैसे करें
Jewellery के लिए कौन सा सोना चुनें
अगर आपको गहने खरीदने हैं तो 22 कैरट सोना सबसे बेहतर विकल्प है। यह मजबूत होता है और रोज पहनने पर भी टूटता नहीं है। भारत में ज्यादातर सोने के गहने 22 कैरट में ही बनते हैं। शादी के गहने जैसे मंगलसूत्र, चेन, बाली, नथ, कड़े आदि सभी 22 कैरट में लेना चाहिए। 22 कैरट सोने का रंग भी गहरा और पारंपरिक पीला होता है जो भारतीय गहनों में अच्छा लगता है। अगर आप हल्के वजन के मॉडर्न डिज़ाइन चाहते हैं तो भी 22 कैरट अच्छा है। गहनों में कीमती पत्थर या मीना का काम हो तो उसके लिए भी 22 कैरट की मजबूती जरूरी है। 24 कैरट सोना गहनों के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि यह बहुत नरम होता है।
Investment के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है
निवेश के उद्देश्य से 24 कैरट सोना खरीदना सबसे सही है। सोने के सिक्के (gold coins) हमेशा 24 कैरट के होते हैं और बैंकों या बड़े ज्वैलर्स से मिलते हैं। सोने की बार (gold bars) भी 24 कैरट की ही आती हैं जो 10 ग्राम से लेकर 1 किलो तक मिलती हैं। Digital Gold और Gold ETF में भी 24 कैरट सोना ही होता है। 24 कैरट सोने की liquidity बहुत अच्छी है – जब चाहें बेच सकते हैं। इसका मूल्य सीधे अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत से जुड़ा होता है इसलिए रिटर्न भी बेहतर मिलता है। Sovereign Gold Bonds भी एक अच्छा विकल्प है जिसमें ब्याज भी मिलता है। अगर बजट कम है तो चांदी में भी निवेश कर सकते हैं जो हाल में अच्छा रिटर्न दे रही है।
Buying Tips – Spot vs Local Rates, Purity Certificate, Trusted Jewellers
सोना खरीदते समय हमेशा purity certificate यानी Hallmark check करें जो BIS (Bureau of Indian Standards) द्वारा प्रमाणित हो। Hallmark में 22K916 या 24K995 जैसा मार्क होता है जो शुद्धता बताता है। विश्वसनीय और पुराने जौहरी से ही सोना खरीदें जिनकी बाज़ार में अच्छी reputation हो। स्पॉट रेट (spot rate) और लोकल रेट में अंतर समझें – स्पॉट रेट अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का भाव है जबकि लोकल रेट में मेकिंग चार्जेस और टैक्स जुड़े होते हैं। मेकिंग चार्जेस पहले से पूछ लें और अलग-अलग दुकानों से तुलना करें। बिल और इनवॉइस जरूर लें जिसमें वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्जेस सब लिखा हो। ऑनलाइन सोना खरीदते समय वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचें और रिव्यू पढ़ें। एक्सचेंज या ट्रेडेड गोल्ड लेते समय MCX या commodity exchange के रेट देखें।
Future Outlook – आने वाले समय में क्या होगा
Experts की राय – अगले महीनों में कहां जाएगी कीमत
विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली 2025 तक सोने की कीमत ₹1,22,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। चांदी की कीमत ₹1,50,000 प्रति किलोग्राम तक जा सकती है। Augmont Research की Renisha Chainani के अनुसार दिवाली के दौरान "bullish-to-consolidation phase" देखने को मिल सकता है। कुछ analysts को लगता है कि हाल की तेजी के बाद profit booking हो सकती है और कीमतें थोड़ी नीचे आ सकती हैं। लेकिन लंबी अवधि का outlook बुलिश यानी सकारात्मक बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना अगले कुछ महीनों में $4,200 से $4,500 प्रति औंस तक जा सकता है। Federal Reserve की ब्याज दर नीति और अमेरिका-चीन व्यापार संबंध भविष्य की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। त्योहारों की मांग खत्म होने के बाद नवंबर-दिसंबर में कुछ सुधार हो सकता है।
Cautious View और Bullish View
सावधान दृष्टिकोण रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि सोना-चांदी की कीमतें अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर हैं इसलिए overvaluation का खतरा है। अचानक से तेज गिरावट की संभावना भी बनी रहती है। लेकिन आशावादी (bullish) विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीद, और ETF में निवेश जारी रहने से कीमतें और बढ़ेंगी। भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन जारी है जो मांग को मजबूत रखेगा। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना-चांदी अच्छा हेज (hedge) है। Short term में उतार-चढ़ाव हो सकता है लेकिन long term में सोना हमेशा अच्छा रिटर्न देता है। चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ने से इसका भविष्य और भी उज्ज्वल दिख रहा है।
Risks – Overvaluation, Global Events, Interest Rate Hikes
सोने-चांदी की मौजूदा ऊंची कीमतें overvaluation का संकेत दे सकती हैं जिससे अचानक गिरावट का खतरा है। अगर अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध सुलझ जाता है तो सोने की safe haven demand कम हो सकती है। Federal Reserve अगर ब्याज दरें बढ़ाता है तो सोने में निवेश कम आकर्षक हो जाएगा। डॉलर की मजबूती भी सोने की कीमतों को नीचे ला सकती है। शेयर बाज़ार में तेजी आने पर भी निवेशक सोने से बाहर निकल सकते हैं। भारत में अगर सरकार इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाती है तो घरेलू कीमतें और बढ़ सकती हैं। महंगाई दर में कमी आने पर सोने की मांग कम हो सकती है। भू-राजनीतिक घटनाएं अप्रत्याशित होती हैं और कभी भी बाज़ार को प्रभावित कर सकती हैं।
Conclusion – अंतिम सलाह और सारांश
आज 14 अक्टूबर 2025 को सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। 22 कैरट सोना ₹114,950 प्रति 10 ग्राम, 24 कैरट सोना ₹125,490 प्रति 10 ग्राम, और चांदी ₹154,654 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर है जो स्थानीय करों और मांग-आपूर्ति पर निर्भर करता है। गहनों के लिए 22 कैरट सोना बेहतर है जबकि निवेश के लिए 24 कैरट सोना सही विकल्प है। भविष्य में कीमतें और बढ़ सकती हैं लेकिन कुछ सुधार की भी संभावना है। सोना खरीदते समय हमेशा Hallmark certified और विश्वसनीय जौहरी से ही लें। आज के भाव देखकर और अपनी जरूरत के अनुसार निर्णय लें – चाहे गहना हो या निवेश।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। सोना-चांदी खरीदने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

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